क्षारसूत्र आयुर्वेद की एक विशेष उपचार पद्धति है, जिसमें औषधीय लेप से तैयार धागे का उपयोग किया जाता है।
यह संक्रमित मार्ग को धीरे-धीरे समाप्त करता है और रोग के दोबारा होने की संभावना को कम करता है।
यह उपचार पाइल्स (बवासीर), फिस्टुला (भगंदर), फिशर , पाइलोनाइडल साइनस जैसी बीमारियों में उपयोगी है।
सुरक्षित एवं प्रभावी, बिना बड़े ऑपरेशन, कम दर्द और जल्दी सामान्य जीवन में वापसी।
अनुभवी आयुर्वेद चिकित्सकों द्वारा सुरक्षित एवं आधुनिक तकनीकों के साथ उपचार प्रदान किया जाता है।
आधुनिक उपकरण, स्वच्छ वातावरण और मरीजों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाता है।
इसका प्रयोग Corn (चाई) Dry Eczema आदि चर्म रोगों पर किया जाता है। इस Procedure में एक सप्तधातु शलाका से दग्ध किया जाता है।
यह आयुर्वेदीय पंचकर्म के अंतर्गत आते है। वमन एवं विरेचन एक तरह की Detoxification Process है इनका प्रयोग प्रायः सभी चर्म रोगों पर किया जाता है मुख्य रूप से सोरायसिस, Dermatitis आदि रोगों पर करते है
डॉ. अंचलेश मिश्रा
मो.: 9826740919